श्री नीतीश कुमार को डा0 जन्नाथ मिश्र ने दी बधाई

पटना 19 अगस्त, 2017
जद (यू॰) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी द्वारा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एन॰डी॰ए॰) में सम्मिलित होने के निर्णय का स्वागत करते हुए डा॰जगन्नाथ मिश्र ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की केन्द्रीय सरकार के औपचारिक इस निर्णय से बिहार के उन्नति एवं विकास का मार्ग प्रभावकारी ढ़ंग से निरंतर आगे बढ़ता रहेगा। देश की पूरी राजनीति प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लगातार सफल और देश के सर्वागीण विकास में प्रभावकारी हो रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर एन॰डी॰ए॰ का कोई व्यवहार्य बनाने की कोाई संभावना नहीं है। और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकल्प की भी कोई संभावना नहीं है। ऐसी परिस्थिति मे जद (यू॰) की राष्ट्रीय कार्य समिति ने बिहार की दूरगामी प्रगति एवं विकास को ध्यान में रखते हुए एन॰डी॰ए॰ में शामिल होने का निर्णय लिया है। श्री नीतीश कुमार 2013 में एन॰डी॰ए॰ से अलग हुए थें और आर॰जे॰ डी॰ तथा कांग्रेस के साथ महागठबंधन बनाया। नए साथी के साथ बिहार की सरकार कमजोर पड़ गयी थी और सरकार के विकासात्मक कार्यों पर विपरीत प्रभाव पर रहा था। श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में जो सक्रियता और विवेकशीलता थी वह दिन प्रति दिन कम हो रही थी। प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 125 लाख करोड़ के लिए महागठबंधन की सरकार तत्परता से स्कीम बनाने में विफल रही थी। अपराध और भ्रष्टाचार के मामले में भी नेतृत्व प्रभावित हो रहा था। ऐसी परिस्थिति में महागठबंधन की सरकार बड़ी जनमत के वावजूद कमजोर साबित हो रही थी। श्री नीतीश कुमार की मुख्यमंत्री के रूप में प्रशासनिक असहजता बढ़ती गई देश और राज्य के स्तर पर यह महसूस किया जाने लगा कि महागठबंधन सरकार से विकास नहीं हो सकता फलस्वरूप जद (यू॰) को पुनः महागठबंधन से अलग होने का निर्णय लेना पड़ा। जद (यू॰) भाजपा गठबंधन को पुनःवापस करना राष्ट्रहित और राज्यहित में बड़ा ही उपयोगी और महत्वपूर्ण है। राज्य के विकास को अवरूद्व करने वाले मार्गों को समाप्त करने के लिए बिहार में फिर से भाजपा के साथ श्री नीतीश कुमार को सरकार बनानी पड़ी। श्री कुमार ने अपनी छवि वेहद स्वच्छ राजनेता की बनायी है।उनके समक्ष अनेक चुनौतियाँ भी हैं।ं उन्हें बिहार के पिछड़ेपन के विरूद्व ठोस निर्णय के लिए औपचारिक रूप से राजग में शामिल होना अतिआवश्यक था। इस नये गठबंधन से बिहार को भ्रष्टाचार से मुक्त करने और विकास में तीव्रता लाने के लिए केन्द्र राज्य संबंध सुदृढ़ करने, सहयोग सहायता प्राप्त करने के अतिरिक्त बिहार में सुशासन लाने ,प्रशासन को दायित्वशील बनाने,विकास की कमी को पूरा करने के साथ-साथ बिहार प्रशासन को गलत दबाबों से बचाने के उद्येश्य से मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने राष्ट्र की मुख्यधारा के साथ श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मजबूत आत्मनिर्भरता और विश्व की राजनीति में अपने को व्यवस्थित करने का काम किया है। श्री कुमार का राजग में शामिल होने का यह निर्णय उनकी उस अनुभूति से हुई कि राजद कांग्रेस के रहते वे प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों से बिहार को लाभंवित नहीं करा सकेंगे।

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