श्याम रजक नें विधानसभा में अनुसूचित जाती के छात्रों के आरक्षित सीट पर भी सामान्य वर्ग के छात्रों का नामांकन संबंधी प्रश्न उठाया

विधायक श्री श्याम रजक नें आज विधानसभा में M.Ed कोर्स में अनुसूचित जाती के छात्रों के आरक्षित सीट पर भी सामान्य वर्ग के छात्रों का नामांकन संबंधी प्रश्न उठाया। जिसके बाद आरक्षित कोटे का क्वालीफाइंग मार्क्स 50% से कम करके 45% करने फैसला किया गया है।

श्री रजक नें मंत्री, शिक्षा विभाग के समक्ष यह धयनकर्षण प्रश्न उठाया कि बिहार के अन्य विश्वविद्यालय सहित पटना विश्वविद्यालय में मास्टर ऑफ़ एजुकेशन (M.ed) कोर्स के सत्र 2016-17 के कुल पचास सीटों के लिए प्रवेश परीक्षा में मात्र 2 अनुसूचित जाती के छात्रों का ही चयन हुआ, क्योंकि अनुसूचित जाती के छात्र न्यूनतम निर्धारित अंक 50 प्रतिशत प्राप्त नहीं कर सके। अनुसूचित जाती के खाली सीटों पर सामान्य वर्ग के छात्रों का नामांकन कर लिया गया।

श्री रजक नें कहा कि इस परीक्षा में सभी वर्ग के परीक्षार्थिओं के लिए 50 प्रतिशत क्वालीफाइंग मार्क्स लाना अनिवार्य था और आरक्षित वर्ग के छात्रों को क्वालीफाइंग मार्क्स  में रियायत नहीं दी गयीं। क्वालीफाइंग मार्क्स एक सामान रखना और खाली आरक्षित सीटों पर सामान्य वर्ग के छात्रों का नामांकन कर लिया जाना आरक्षण का घोर उल्लंघन है।

  अतएव बिहार के अन्य विश्वविद्यालय सहित पटना विश्वविद्यालयों के M.Ed कोर्स की नियमावली में संशोधन कर अनुसूचित जाती सहित सभी आरक्षित वर्ग के छात्रों के लिए क्वालीफाइंग मार्क्स कम करनें हेतु श्री रजक नें सदन के माध्यम से सरकार का धयान आकृष्ट किया।

इसपर सरकार की तरफ से जवाब आया कि पटना विश्वविद्यालय में मास्टर ऑफ़ एजुकेशन (M.ed) कोर्स के लिए आरक्षित 8 सीटों (16 प्रतिशत) में सत्र 2017-19 में 7 सीटों पर नामांकन हुआ पर 2016-17 में सिर्फ 2 सीटों पर जी नामांकन हो सका। क्योंकि इस कोटि के विद्यार्थियों द्वारा वर्तमान अध्यादेश में निहित न्यूनतम निर्धारित क्वालीफाइंग मार्क्स 50 प्रतिशत प्राप्त नहीं कर सके। आरक्षित कोटे की उक्त सीटें नहीं भरनें के कारण नियमानुसार उसपर सामान्य वर्ग के छात्रों का नामांकन ले लिया गया।

  विश्वविद्यालय के प्रतिवेदनानुसार M.Ed में नामांकन हेतु क्वालीफाइंग मार्क्स कम कर 45 प्रतिशत तथा आरक्षित कोटे के सीटों के नहीं भरनें की स्थिति में कुलपति को क्वालीफाइंग मार्क्स  कम करनें के लिए प्राधिकृत करनें हेतु विश्वविद्यालय स्तर पर अध्यादेश में संशोधन हेतु कार्यवाई प्रकियाधीन है। शीघ्र ही इस प्रस्ताव को शैक्षणिक परिषद एवं अन्य प्राधिकारों से पास कराकर अध्यादेश में संशोधन के लिए कुलाधिपति को भेजा जायेगा। महामहिम कुलाधिपति से अनुमोदन के पश्चात अध्यादेश संशोधित होते ही यह समस्या स्वतः समाप्त हो जयेगी।

माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी नें भी रजक के सवाल का समर्थन करते हुए इस बात पर अपनी चिंता जताई एवं आरक्षित वर्ग हेतु क्वालीफाइंग मार्क्स कम करनें के फैसले का स्वागत किया।

श्री श्याम रजक नें इसके लिए माननीय मुख्यमंत्री जी को कोटि-कोटि धन्यवाद किया। और कहा कि इस फैसले के आने के बाद निश्चित रूप से आरक्षित वर्ग के छात्रों को उनका हक़ मिल सकेगा एवं वे भी शिक्षा में भाग लेकर अपनें साथ-साथ समाज के विकास में अपना योगदान दे सकेंगे।


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