बिहार दारोगा पेपर लीक की जांच में, सरकार की मंशा संदेहास्पद : बबलू प्रकाश

पटना- 22 मार्च आम आदमी पार्टी, बिहार के प्रदेश मीडिया प्रभारी बबलू प्रकाश ने संसदीय कार्य मंत्री, बिहार श्रवण कुमार के प्रेस बयान पर सवाल उठाते हुए कहा, मंत्री जी सत्ता के गोद मे कुम्भकर्णी नींद में सोये हैं, इसलिय उन्हें 11 मार्च को हुए दरोगा परीक्षा पेपर लीक की जानकारी नही हुई। परीक्षा रद्द कराने की मांग को लेकर पटना के हज़ारो की संख्यां में दारोगा परीक्षार्थी ने छात्र सड़क पर उतर कर सरकार के खिलाफ लगातार हल्ला बोल रहे हैैं। 16 मार्च को दारोगा परीक्षार्थीयों ने सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन भी किया था जिसे रोकने के लिए पटना पुलिस ने आंदोलनकारी परीक्षार्थीयो पर बर्बरता रूप से खूब लाठियां चटकाई जिसमे कई छात्रों को गंभीर रूप से चोटें आई थी ओर माननीय मंत्री जी कहते है, “दरोगा परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और छात्रों पर हुई लाठी चार्ज का कोई आधिकारिक सूचना नही है।

बबलू प्रकाश ने कहा, बिहार सरकार के मंत्री वेशर्मी का सारे हद पार कर गए है, साहब मीडिया के समक्ष भी खुल्लम खुला झूठ बोलने से बाज नही आ रहे है। बबलू ने कहा, 11 मार्च को आयोजित दरोगा परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक हो गई और एक बार फिर हजारों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। मुझे ऐसा महसूस है,”बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग” और सरकार-प्रशासन में वैठे रसूख वाले लोगो के मिलीभगत से बिहार दारोगा बहाली में, सीटों को बेचने की पूरी तैयारी कर ली गई थी। जिसमे करोड़ो, अरबो रुपयों का व्यारा न्यारा होता। अब मामला पूरी तरह फंस गया है, बिहार के छात्र आक्रोषित होकर परीक्षा रद्द कराने की मांग को लेकर सड़क पर उत्तर आये हैं। जिसे देख सरकार ने प्रश्न पत्र लीक मामले की लीपापोती कराने में पूरी तरह जुट गई और पूरे मामले की जांच का जिम्मा “आर्थिक अपराध कोषांग” के हाथों सौप दिया हैं।

उन्होंने कहा, बिहार दरोगा पेपर लीक की जांच में, सरकार की मंशा संदेहास्पद है, जांच एजेंसी अपने ही सरकार में शामिल मंत्री विधायक और अफसरों की जांच निष्पक्ष तरीके से कैसे कर सकती हैं ? 2017 में भी हुए थे बीएसएससी की परीक्षा में पेपर आउट, तत्कालीन अध्यक्ष सुधीर कुमार और सचिव परमेश्वसर राम भेजे गए थे जेल। कर्मचारी चयन आयोग के पूर्व सचिव परमेश्वर राम के मोबाइल ने एसआईटी के समक्ष उगले थे कई चौंकाने वाले राज। पैरवी करने वालों में कई राजनीति के धुरंधर खिलाड़ीयों के नाम था शामिल।एएनएम बहाली में परमेश्वर राम से किया था पैरवी की, उनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री और राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह, शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, पूर्व सहकारिता मंत्री आलोक मेहता के नाम पैरवी करने में रहा अवल।इसके साथ ही मुजफ्फरपुर के भाजपा विधायक वर्तमान में नगर विकास मंत्री , बिहार सुरेश कुमार शर्मा, विभूतिपुर के जदयू विधायक रामबालक सिंह, विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी के पीए नवीन कुमार पूर्व मंत्री संजीव टोनी समेत प्रशासन व पुलिस के वरीय प्रशासनिक अधिकारीयों का नाम था शामिल।

बीएसएससी के पूरे मामले की जांच, बिहार सरकार ने अपने भरोसेमंद अफसरों से करा कर, सिर्फ खानापूर्ती ही नही किया, बल्कि पूरे मामले को समेटकर ठंडे बस्ते में डालने का काम किया,साथ ही असली अपराधियों को बख्शने का पूरा इंतज़ाम कर दिया गया हैं। इसलिए आम आदमी पार्टी,बिहार, बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार से, सूबे में लगातार हो रही मैरिट घोटाले की निष्पक्ष जांच पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कराने की मांग करती हैं। आम आदमी पार्टी, बिहार के कार्यकर्ता माननीय सांसद सह बिहार प्रभारी श्री संजय सिंह के नेतृत्व में बिहार में हो रही व्यापक परीक्षा घोटालो (मैरिट घोटाला) के खिलाफ पूरे बिहार में आंदोलन करेगी।

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