बिहार और देश की राजनैतिक माहौल और युवाओं की भागीदारी पर हुई चर्चा

नेउरा, 8 अप्रैल 2018|  जन आंदोलनों का राष्ट्रीय समनव्य और लोकधारा द्वारा 6-8 अप्रैल को राज्य स्तरीय युवा संवाद का आयोजन ईस्ट एंड वेस्ट हाई स्कूल में किया गया | तीन दिवसीय कार्यशाला में राज्य के 20 जिलों से करीब 125 युवा कार्यकर्ता शामिल हुए | इस सम्मेलन में बिहार के अनेक प्रगतिशील छात्र संगठन जैसे, बिहार आंबेडकर असोशियेशन फोरम, ए.आई.वाई.एफ , ए.आई.इस.एफ, समर यूथ ऑर्गनाइजेशन, प्रोजेक्ट पोटेंशियल, घरेलु कामगार यूनियन, जन जागरण शक्ति संगठन, आईडीमाम, आदि के युवाओं ने भाग लिया | तीन दिनों में अलग अलग वर्कशाप में विभिन ज्वलंत मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई | शिक्षा, रोजगार, साम्प्रदायिकता, फासीवाद का मुकाबला, जाति-धर्म-लिंग हमें कैसे बांटने का औजार बन रही है, कंपनियों और सरकार द्वारा जल जंगल जमीन को निजी फायेदे के लिए जनता से हथियाने की कोशिश, आर.टी.आई का उपयोग, मीडिया की समझ और सोशल मीडिया की भूमिका जैसे विषयों पर देश के अलग अलग स्थान से आये हुए वरिष्ठ सामजिक कार्यकर्ताओं द्वारा चर्चा की गयी |

युवाओं ने कहा कि हालत ऐसी हो गयी है कि कोई भी पढ़ाई कर लें मगर रोजगार की गारंटी नहीं है | वर्तमान शिक्षा से सामाजिक मुद्दों पर समझ नहीं बन पा रही है और समझ बनाने के लिए समुदाय के बीच काम करना पडेगा | सम्मेलन में साम्प्रदायिकता और फासीवाद से मुकाबला करने के लिए रणनीति बनाई गयी और यह तय किया गया  कि युवा बढ़ चढ़ कर अपने अपने इलाके में इसके खिलाफ काम करेंगे |

युवा संवाद के तीसरे दिन पटना युनिवर्सिटी की प्रो0 डेजी नारायण ने युवाओं को संबोधित किया और कहा कि यह सरकार विश्विद्यालय की स्वायत्ता को समाप्त करना चाहती है| हमारी आजादी पर चौतरफा हमला कर रही है | इसलिए हमें सोचना पडेगा कि हम कैसा देश बनाना चाहते हैं |

झारखंड के शैलेन्द्र, पटना की पत्रकार निवेदिता, गढ़चिरौली के महेश, ए.आई.एस.एफ छात्र नेता सुशील, जन जागरण शक्ति संगठन की कामायनी, कोसी नव निर्माण मंच के महेंद्र यादव और लोक संघर्ष समिति के सिद्धार्थ द्वारा वार्क्शौप कराया गया |

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