राजभवन मेें आयोजित कुलपतियों की बैठक में पूर्व निर्णयों के कार्यान्वयन की हुई व्यापक समीक्षा, साथ ही कई आवश्यक महत्त्वपूर्ण निर्णय भी लिये गये

पटना, 29 मई 2018

आज राजभवन में महामहिम राज्यपाल-सह-कुलाधिपति श्री सत्य पाल मलिक की अध्यक्षता में राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की मासिक बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री आर॰के॰ महाजन, राज्यपाल के प्रधान सचिव श्री विवेक कुमार सिंह सहित शिक्षा विभाग एवं राज्यपाल सचिवालय के वरीय अधिकारियों ने भाग लिया।

(1). बैठक को संबोधित करते हुए कुलाधिपति-सह-राज्यपाल श्री मलिक ने कहा कि राज्य में उच्च शिक्षा के सुधार-प्रयासों को सभी आशा भरी निगाहों से देख रहे हैं इसलिए कुलपतियों को चाहिए कि वे अपनी नेतृृत्व-क्षमता, कत्र्तव्यनिष्ठा, तत्परता और दूरदर्शिता का पूरा उपयोग करते हुए उच्च शिक्षा के विकास हेतु निर्धारित एजेन्डे पर तेजी से अमल करें। राज्यपाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मार्ग में अगर कठिनाईयाँ आती हैं तो तुरंत उनका समाधान तलाशा जाना चाहिए, किन्तु किसी प्रकार की बहानेबाजी के विरूद्ध सख्ती से निबटना होगा। राज्यपाल ने राज्य में छात्रसंघ चुनाव शांतिपूर्ण सम्पन्न कराने पर कुलपतियों एवं स्थानीय प्रशासन को बधाई दी। श्री मलिक ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरी के लिए किए जा रहे प्रयासों का सफर काफी लंबा है, परन्तु दृृढ़ निश्चय के साथ प्रतिबद्धतापूर्वक निश्चित समय-सीमा में काम करने पर कोई भी लक्ष्य आसान हो जाता है।
(2). राज्यपाल ने कहा कि महाविद्यालयों में शिक्षकों एवं छात्रों की उपस्थिति तथा अकादमिक एवं परीक्षा-कैलेण्डरों के शत प्रतिशत अनुपालन की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।
(3). राज्यपाल ने कहा कि यह संज्ञान में आया है कि विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों में शिक्षकों एवं कर्मियों के नियमित एवं बकाया वेतन का भुगतान समय पर नहीं हो पा रहा है तथा सेवांत लाभ के मामलों का निस्तारण समय पर नहीं हो पाने के कारण तदविषयक भुगतान में भी अनपेक्षित विलंब हो रहा है। श्री मलिक ने कहा कि विश्वविद्यालयों में नियमित वेतन भुगतान एवं सेवांत लाभों के मामले में भी ससमय भुगतान की कार्रवाई होनी चाहिए।
(4). राज्यपाल ने कहा कि बी॰एड॰ में नामांकन के लिए आयोजित होनेवाली ‘काॅमन इन्टरेन्स परीक्षा’ को हर हालत में नियमिततापूर्वक सफलतया आयोजित कराया जाना चाहिए।

(5). बैठक में शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री आर॰के॰ महाजन ने कहा कि शिक्षा विभाग महाविद्यालयों के संबंद्धन (।ििसपंजपवद) को लेकर कुलसचिवों की एक बैठक अलग से आयोजित करेगा। इस बैठक में विश्वविद्यालय को विभिन्न मदों में उपलब्ध करायी जानेवाली आवश्यक निधियों पर भी विचार होगा।
(6). कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल के प्रधान सचिव श्री विवेक कुमार सिंह ने कहा कि राज्यपाल सचिवालय स्तर पर होनेवाली कुलपतियों की मासिक बैठक में अब माइक्रोलेवेल पर प्रतिवेदनों की समीक्षा की जाएगी तथा आॅनलाईन रिपोर्टिंग की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों के अतिरिक्त महाविद्यालयों को भी ‘नोडल इनफाॅरमेशन प्वाइंट’ के रूप में इस रिपोर्टिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा, ताकि काॅलेज स्तर पर होनेवाली प्रगति का भी सीधे मूल्यांकन हो सके।
(7). आज की बैठक में यह पाया गया कि ‘च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के कार्यान्वयन की दिशा में काफी संतोषप्रद प्रगति है एवं उसके अनुरूप नये पाठ्यक्रम को जून महीने में जारी कर दिया जाएगा, ताकि राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में यह प्रणाली बेहतर ढंग से काम करने लगे।
(8). बैठक में अनधिकृत रूप से शिक्षकों एवं कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। सभी विश्वविद्यालयीय विभागों एवं महाविद्यालयों मंे बायोमैट्रिक प्रणाली एवं सी॰सी॰टी॰वी॰ कैमरे के संस्थापन कार्य को भी यथाशीघ्र पूरा करने को कहा गया।
(9). बैठक में बी॰एड॰ काॅलेज के नियमित निरीक्षण पर भी जोर दिया गया। विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयीय विभागों में स्वच्छता-अभियान को एन॰सी॰सी॰/एन॰एस॰एस॰ आदि के जरिये और तेज करने का भी निर्णय लिया गया।
(10). साथ ही ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा को अन्तरविश्वविद्यालयीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता ‘‘तरंग’’ तथा मगध विश्वविद्यालय को अन्तर विश्वविद्यालय क्रीड़ा प्रतियोगिता ‘‘एकलव्य’’ के आयोजन हेतु यथाशीघ्र तिथियाँ घोषित करने को कहा गया, ताकि सभी विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय इसके लिए अपने यहाँ कार्यक्रम आयोजित करते हुए आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर सकें।
(11). आज की बैठक में वित्तीय अनुशासन बनाये रखने के लिए विश्वविद्यालयों को भी सरकारी खरीददारी के लिए निर्धारित ‘ळवअमतदउमदज म.डंतामजचसंबम’ (ळमड) पोर्टल का इस्तेमाल करने को कहा गया। साथ ही महाविद्यालयों/विश्वविद्यालयों में शिक्षकों एवं कर्मचारियों के वेेतनादि भुगतान हेतु ‘त्ज्ळै’ व्यवस्था के सफल कार्यान्वयन के निमित्त संबंधित कर्मियों के बैंक-खातों की इन्टरलिंकिंग का काम भी यथाशीघ्र पूरा करा लेने को कहा गया।
(12). बैठक में विश्वविद्यालयों में ‘शिकायत निवारण कोषांग’ का सुदृृढ़ीकरण करने को भी कहा गया।
(13). साथ ही सेवांत लाभ के मामलों को निष्पादित करने हेतु कुलपति स्तर पर ‘पेंशन अदालत’ आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

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