उच्च शिक्षा के विकास हेतु राजभवन में प्रतिकुलपतियों की बैठक

पटना, 31 अगस्त 2018
आज राजभवन सभागार में राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के प्रतिकुलपतियों की एक बैठक महामहिम राज्यपाल-सह-कुलाधिपति के निदेशानुसार आयोजित हुई।
बैठक में विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा के विकास हेतु निर्धारित एजेन्डे पर तेजी से अमल के मुद्दे पर व्यापक विचार हुआ।
बैठक में राज्यपाल के प्रधान सचिव श्री विवेक कुमार सिंह ने बताया कि महामहिम राज्यपाल-सह-कुलाधिपति श्री लाल जी टंडन जी ने निदेशित किया है कि उच्च शिक्षा के विकास हेतु सभी विश्वविद्यालय अपनी तरफ से दो प्रमुख सुझाव उपलब्ध करायें एवं उनके कार्यान्वयन के बारे में भी अपनी सारगर्भित टिप्पणियाँ संलग्न करें।
आज की बैठक में सभी प्रतिकुलपतियों ने अपने-अपने विश्वविद्यालयों से संदर्भित दो-दो प्रमुख सुझाव बैठक में प्रस्तुत किए। इन सुझावों में प्रमुख रूप से विश्वविद्यालयों में आधारभूत संरचनाएँ विकसित करने, शोध कार्यों में गुणवत्ता-विकास, शिक्षकों की समुचित व्यवस्था करने, छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने जैसी कई अन्य बातें शामिल थीं। बैठक में प्रतिकुलपतियों से कहा गया के वे अपने सुझावों के आलोक मंे यथाशीघ्र आवश्यक सारगर्भित टिप्पणियाँ भी उपलब्ध करा दें।
बैठक में प्रतिकुलपतियों से कहा गया कि बिहार विश्वविद्यालय अधिनियम’ ‘के आलोक में स्नातक स्तरीय परीक्षाओं के आयोजन में प्रतिकुलपतियों की भूमिका एवं दायित्व अत्यन्त महत्त्वपूर्ण हैं। सभी विश्वविद्यालयों द्वारा कुलाधिपति-कार्यालय को आगामी वर्ष 2019 के आरंभ तक, सभी पूर्व लंबित परीक्षाएँ सम्पन्न करा लेने विषयक दिए गए आश्वासन के आलोक में हरसंभव आवश्यक कार्रवाइयाँ करने को कहा गया। बैठक में स्पष्ट किया गया कि पूर्व लंबित परीक्षाओं के आयोजन तथा ससमय परीक्षाफल प्रकाशित कराने पर पूरा ध्यान दिया जाना चाहिए। जो भी अधिकारी या कर्मी इसमें लापरवाही बरतते हैं, उनके विरूद्ध प्रतिवेदित किया जाना चाहिए।
बैठक में सत्रवार लंबित एक-एक परीक्षा के कैलेण्डर की समीक्षा की गई एवं लंबित सभी परीक्षाएँ निर्धारित समय-सीमा में सम्पन्न करा लेने को कहा गया।
बैठक में ‘न्दपअमतेपजल डंदंहमउमदज प्दवितउंजपवद ैलेजमउ’ (न्ण्डण्प्ण्ैण्) के कार्यान्वयन हेतु तत्परतापूर्वक कार्रवाई करने को कहा गया। ज्ञातव्य है कि छात्रों के नामांकन से लेकर प्रव्रजन तक के समस्त क्रियाकलाप तथा शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों की नियुक्ति-प्रोन्नति, सेवा-इतिहास आदि से संबंधित समस्त सूचनाओं का संधारण विश्वविद्यालयों में कंप्यूटरीकृत रूप में ही किया जाना है। इसके लिए कार्यकारी एजेन्सी विश्वविद्यालयों को ही चयनित करने के लिए निदेशित किया गया था। आज ही बैठक में प्रतिकुलपतियों से कहा गया कि ‘यू॰एम॰आई॰एस॰’ के सफल कार्यान्वयन हेतु त्मुनमेज वित च्तवचवेंस ;त्थ्च्द्ध तैयार करते हुए निविदा आमंत्रित करने की दिशा में शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की जाय ताकि योजना का आगामी वर्ष सफल कार्यान्वयन हो सके।

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