हिन्दी पखवारा के अंतर्गत साहित्य सम्मेलन में आयोजित हुई’श्रुतिलेख प्रतियोगिता’

विद्यार्थियों ने सीखे सुनकर लिखने के गुर,साहित्य और मानस के मिले पाठ

पटना,२ सितम्बर। हिन्दी पखवारा के अंतर्गत आज बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में,विद्यार्थियों के लिए ‘श्रुतिलेख-प्रतियोगिता’का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के पूर्व विद्वानों ने विद्यार्थियों को सुन कर लिखने की तकनीक और तैयारी का प्रशिक्षण भी दिया। साथ हीं साहित्य और तुलसीदास के संबंध में भी जानकारी दी गई।

प्रतियोगिता तीन समूहों में आयोजित की गई थी। पहले समूह में सातवीं कक्षा से नीचे के विद्यार्थी,दूसरे समूह में आठवीं और ९वीं तथा तीसरे समूह में १०वीं से १२वीं कक्षा के विद्यार्थी सम्मिलित किए गए थे। प्रतियोगिता आयोजन समिति के अधिकारियों ने, गोस्वामी तुलसीदास की जीवनी तथा शिक्षा-प्रद लघु-कथाओं के अंश पढ़कर विद्यार्थियों से लिखवाए। प्रतियोगिता में’प्रभु तारा उच्च विद्यालय, पटना सिटी, संत जौंस हाई स्कूल, क़दमकुआं,संत पॉल हाई स्कूल,दीघा, संत कोलंबस हाई स्कूल, पटना,इंटरनेशनल स्कूल,पटना, राजकीय कन्या विद्यालय, गर्दनीबाग,संत कैरेंस सेकेण्डरी स्कूल, खगौल,आचार्य सुदर्शन सेंट्रल स्कूल, पटना सिटी और कंकड़बाग, रवींद्र बालिका उच्च विद्यालय,राजेंद्र नगर तथा सर गणेशदत्त पाटलिपुत्र उच्च विद्यालय, क़दमकुआं के विद्यार्थियों ने भाग लिया।

इस अवसर पर प्रतियोगिता आयोजन समिति के संयोजक प्रो सुशील कुमार झा, आचार्य आनंद किशोर शास्त्री, डा नागेश्वर प्रसाद यादव,बाँके विहारी साव,डा आर प्रवेश, डा शालिनी पाण्डेय, कवि जय प्रकाश पुजारी, ओम् प्रकाश वर्मा, योगेन्द्र प्रसाद मिश्र, शिक्षिका बबीता देवी, वेंकटेश कुमार, राम विलास सिंह, अनिता नौगरिया,विजय कुमार सिन्हा तथा मनोज उपाध्याय समेत बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं अभिभावक गण उपस्थित थे। प्रतियोगिता का उद्घाटन सम्मेलन अध्यक्ष डा अनिल सुलभ ने किया।

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