गुजरात सरकार इस देश के नागरिकों को विशेष रूप से हिंदी भाषी राज्यों के नागरिकों को अपने राज्य में सुरक्षा देने में विफल रही है अतः इस सरकार को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के श्रमिक वहां से पलायन करने पर विवश हैं। वो भी ऐसे श्रमिक जो बीते कई वर्षों से गुजरात राज्य के लोगों को अपनी सेवाएं देते आ रहे थे। हैरानी की बात यह है कि केंद्र तथा राज्य दोनों ही जगह बीजेपी की सरकारें हैं फिर भी वह अन्य राज्यों के श्रमिकों को सुरक्षा देने में असमर्थ है। गुजरात राज्य में सत्तारूढ़ दल का यह इतिहास रहा है कि वह दलितों, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की रक्षा करने में सक्षम नहीं रही है।
राज्य के प्रवासी श्रमिकों के वर्तमान पलायन से पता चलता है कि बीजेपी सरकार गरीब तथा समाज के वंचित तबके के लोगों के लिए नहीं है। मैं कहना चाहता हूँ कि यह और कुछ नहीं बल्कि देश के भीतर आपसी सौहार्द को बिगाड़ने तथा समाज को विभाजित करने का प्रयास है जो कि लोकतंत्र के लिए बहुत ही खतरनाक है। मैं सभी प्रवासी श्रमिकों से अपील करता हूं कि वह शांति और सद्भाव बनाए रखें साथ ही आश्वस्त करना चाहता हूँ कि आपको हमारा पूर्ण समर्थन तथा सहयोग मिलेगा। मैंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में समाज के इस वर्ग के हक की लडाई लड़ी है और चाहे जो भी हो इसे जारी रखूँगा।

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