कुलपति सम्बद्धता प्राप्त महाविद्यालयों की गतिविधियों पर रखें पूरी नजर -राज्यपाल

पटना, 09 अक्टूबर 2018
महामहिम राज्यपाल-सह-कुलाधिपति श्री लाल जी टंडन ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के अधीन संचालित सम्बद्धता-प्राप्त महाविद्यालयों की गतिविधियांे पर पूरी नजर रखने के लिए सभी कुलपतियों को कहा है। राज्यपाल श्री टंडन ने कहा है कि सम्बद्धता प्रदान किये जाते समय निर्धारित शत्र्तों पर संबंधित महाविद्यालय की सक्षमता की विन्दुवार जाँच होनी चाहिए। राज्यपाल ने कहा है कि बगैर राज्य सरकार से सम्बद्धता प्राप्त किए, विभिन्न पाठ््यक्रमों में विद्यार्थियों का नामांकन लेनेवाले काॅलेजों से सख्ती से निबटा जाना चाहिए। राज्यपाल ने कहा है कि विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ की छूट किसी को हरगिज नहीं दी जा सकती है और छात्रहितों का हर हालत में पूरा ख्याल रखा जाना चाहिए।
राज्यपाल ने प्रधान सचिव श्री विवेक कुमार सिंह को कहा है कि राज्यपाल सचिवालय सभी कुलपतियों को यह निदेश जारी कर दे कि निर्धारित शत्र्तों के आलोक में ही जाँचोपरान्त सम्बद्धता के लिए प्रस्ताव अग्रसारित होने चाहिए। ज्ञातव्य है कि प्रावधानों के अनुरूप किसी महाविद्यालय को सम्बद्धता प्रदान करने के लिए यह जरूरी है कि शहरी क्षेत्र में संस्थापित होनेवाले महाविद्यालय के पास 2.5 एकड़ एवं ग्रामीण क्षेत्र में संस्थापित होनेवाले महाविद्यालय के पास 5.00 एकड़ का भूखंड हो। सम्बद्धता के लिए यह आवश्यक है कि काॅलेज में नामांकन हेतु निर्धारित सीट संख्या के अनुरूप क्लास रूम की व्यवस्था हो। महाविद्यालय के पास व्याख्यान एवं ट््यूटोरियल रूम की भी पर्याप्त संख्या में उपलब्धता जरूरी है। साथ ही शिक्षकों के लिए स्टाफ रूम, छात्र एवं छात्राओं के काॅमन रूम, पुस्तकालय, सभी संबंधित विषयों की अलग-अलग प्रयोगशालाएँ, विद्यार्थियों के लिए छात्रावास आदि को भी सम्बद्धता के लिए अपेक्षित बताया गया है।
राज्यपाल-सह-कुलाधिपति ने कहा है कि सभी कुलपति यह सुनिश्चित करें कि जबतक राज्य सरकार से सम्बद्धता नहीं मिल जाती, कोई भी काॅलेज किसी भी पाठ््यक्रम में विद्यार्थियांे का प्रवेश नहीं लें। राज्यपाल ने कहा है कि सम्बद्धता की प्रत्याशा में छात्रों का नामांकन विधिसम्मत नहीं है। उन्होंने कहा है कि बगैर सम्बद्धता के नामांकित छात्रों का निबंधन किसी भी हालत में विश्वविद्यालयों में नहीं होना चाहिए। निर्धारित सीट संख्या से ज्यादा नामांकन को भी गंभीरता से लिया जाना चाहिए। सभी कुलपतियों को भेजे जा रहे निदेश में कहा जा रहा है कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की छूट किसी को नहीं दी जानी चाहिए।
राज्यपाल ने प्रधान सचिव को सभी कुलपतियों को सूचित करने को कहा है कि सभी विश्वविद्यालय अपने विश्वविद्यालय की वेबसाईट पर अपने क्षेत्रान्तर्गत सम्बद्धता-प्राप्त महाविद्यालयों की सूची भी प्रदर्शित करें, ताकि विद्यार्थी किसी के बहकावे या भ्रम में नहीं आएँ। राज्यपाल-सह-कुलाधिपति ने कहा है कि जो महाविद्यालय निदेशों का अनुपालन करने में कोताही बरतें, उनके विरूद्ध प्राथमिकी भी दर्ज करायी जानी चाहिए, ताकि छात्रों के साथ धोखाधड़ी न हो सके।
राज्यपाल ने कहा है कि सभी कुलपतियों को छात्र-समस्याओं को नियमित तौर पर सुनना चाहिए तथा अपने विश्वविद्यालय में ऐसा ‘डमबींदपेउ’ (व्यवस्था) विकसित करना चाहिए ताकि व्यापक हित में छात्र-कल्याण की योजनाएँ ससमय कार्यान्वित हो सकें।

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